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Veganism

जब गाय-भैंस दूध देना बंद कर देती हैं, तब कहाँ जाती हैं? || (2021)
Veganism
जब गाय-भैंस दूध देना बंद कर देती हैं, तब कहाँ जाती हैं? || (2021)
12min
23reads

रोबिन सिंह: बहुत से जो लोग हैं उनको होता है कि भाई अभी तो हम दूध ले रहे हैं इस चक्कर में गाय की कुछ क़दर तो है। अगर दूध को आप बहिष्कार करने को कह दो तो गाय की बिलकुल ही बेकद्री हो जाएगी।

आचार्य प्रशांत: बात तो ये…

सर, बकरीद पर आप विरोध क्यों नहीं करते? || (2021)
Veganism
सर, बकरीद पर आप विरोध क्यों नहीं करते? || (2021)
19min
26reads

प्रश्नकर्ता: बकरीद आ रही है, और मैं उन संस्थाओं का समर्थन करता हूँ जो कि पी.सी.ए. एक्ट (अधिनियम) है, प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टुवर्ड्स एनिमल्स ( पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम- 1960), उसके सेक्शन अट्ठाईस को हटाने की माँग कर रहे हैं। उसका जो सेक्शन अट्ठाईस है वो कहता…

अपने ही प्रति हिंसा है माँसाहार
Flesh Eating
अपने ही प्रति हिंसा है माँसाहार
16min
33reads

प्रश्नकर्ता: माँस खाना कैसा है? क्या दूसरों के बारे में सोचना ज़रूरी है?

आचार्य प्रशांत: माँस खाना कैसा भी नहीं है — न अच्छा है, न बुरा है — खा सकते हो, कुछ भी खा सकते हो। बहुत-बहुत पुराने जो मनुष्य के पुरखें थे, वो माँसाहारी ही थे। आज भी…

एलोपैथी दवाइयाँ, हिंसा और अध्यात्म
Flesh Eating
एलोपैथी दवाइयाँ, हिंसा और अध्यात्म
23min
23reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, क्या चिकित्सा के क्षेत्र को अपवाद मानकर जीव-हत्या करना ठीक है? क्या मानव की जान, किसी और जीव से ऊपर है? और अगर नहीं है तो क्या स्वयं को एलोपैथिक के इलाज से दूर रखना स्वयं पर हिंसा नहीं है? कृपया स्पष्टता प्रदान करें।

आचार्य प्रशांत: टेढ़ी…

क्या प्रकृति हिंसा से भरी हुई है? मनुष्य के लिए माँसाहार उचित है?
Flesh Eating
क्या प्रकृति हिंसा से भरी हुई है? मनुष्य के लिए माँसाहार उचित है?
12min
18reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, ईश्वर को करुणा का सागर कहा गया है, परंतु दुनिया में हर तरफ़ हिंसा ही दिखाई देती है। जीवों की रचना में एक ओर तो हिरण है और दूसरी ओर शेर है। हिरण मासूम है फिर भी शेर उसे बहुत बुरी तरह मारकर खा जाता है। हिरण…

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Why do I restless
Hindi article on restlessness by AP
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कर्म और अतीत से मुक्ति कैसे मिले ?
इन सब से मुक्ति का एक ही तरीका है, वो बचो ही नहीं जो मूर्ख जाकर के दुनिया से, जगत से, प्रकृति से कामना पूर्ति की आशा रखता था, वो बचो ही नहीं। उसके अलावा और तुम कितने भी हथकंडे लगा लो, अतीत तो लौट-लौट के बार-बार आएगा और सर पर चढ़ेगा ही चढ़ेगा।
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Why do I restless
This article is related to restlessness.
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राधा-कृष्ण में भी तो प्रेम था, तो आप हमारे प्रेम को सम्मान क्यों नहीं देते?
कृष्ण का खुद ऊँचा होना, कृष्ण के पूरे जीवनवृत्त में, उनकी ज़िंदगी की जो पूरी कहानी है उसमें और श्री कृष्ण की प्रेमकथा में एक सूत्र है जो साझा पिरोया हुआ है। गीता की ऊँचाई, कृष्ण के जीवन की ऊँचाई, और कृष्ण के प्रेम की ऊँचाई तीनों एक हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि कृष्ण बहुत ऊँचे हों और उनका प्रेम निचले तल का हो जाए। ये संभव नहीं है।
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गुरु के प्रति धन्यवाद कम क्यों हो जाता है? आचार्य प्रशांत (2017)
अब देखिएगा, क्या हो रहा है। कोई कृतज्ञ कब अनुभव करेगा? जब पहले उसकी हालत ख़राब हो और कोई बचाए। आपके भीतर अभी यह इच्छा शेष है कि आप कृतज्ञ अनुभव करती रहें और कृतज्ञता अनुभव करने के लिए ज़रूरी है कि कुछ गड़बड़ हो और फिर उस गड़बड़ से आप उबार ली जाएँ। तो फिर आप कृतज्ञ अनुभव करेंगी कि, अरे, मेरा सौभाग्य कि मुझे किसी ने बचा लिया।
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लोकमत न्यूज़ – "स्वतंत्रता दिवस: वास्तविक स्वतंत्रता क्या है
\"स्वतंत्रता कोई उपहार नहीं, बल्कि एक उपलब्धि है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं अर्जित करना पड़ता है। राजनीतिक स्वतंत्रता हमें विरासत में मिल सकती है, किंतु मानसिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता के लिए सतत प्रयास
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रक्षा बंधन पर आचार्य प्रशांत का संदेश
\"रक्षाबंधन एक स्मरण हो सकता है कि हम सब मिलकर उस विवेक, उस करुणा की रक्षा करें जो जीवन को जीवन बनाती है। यह पर्व केवल उपहारों का आदान-प्रदान न रह जाए, बल्कि यह एक ऐसा संकल्प बन जाए जिसमें हम एक-दूसरे के आत्मबल और ऊंची चेतना के
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आंसू अगर सच्चे हैं तो भीतर आनंद ही आनंद है
अगर आँसू सच्चे हैं तो उनका संबंध उत्सव और आनंद से है, उनका संबंध जाते हुए दुःख से है। आँसुओं के अर्थ ये नहीं है कि तुम दुखी हो, आँसुओं का अर्थ भी हो सकता है कि तुम आनंदित हो। मुक्त अनुभव कर रहे हो, भीतर की जकड़ को छोड़ने के लिए।
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What does love mean?
You must know what is love. How it shapes your life.
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शिव-शक्ति
नवरात्र का माहौल है। शक्ति के बारे में कुछ बातें करना प्रासंगिक रहेगा। शिव केंद्र हैं, शिव सत्य हैं। शिव वो हैं जिन तक मन, 'मन' रह कर नहीं पहुंच सकता। शिव को तो रहस्य रहना है सदा। शक्ति, मन है, संसार है। शिव में स्थिरता है, अचलता है।
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जीवन-मरण का ये चक्र चल क्यों रहा है? || आचार्य प्रशांत, वेदांत पर (2021)
जन्म-मरण का चक्र क्यों है? इसका अर्थ यही नहीं है कि शिष्य बस इतना ही पूछना चाहता है कि कोई जन्मता क्यों है, कोई मरता क्यों है, चक्र क्यों चल रहा है। वो वास्तव में सबकुछ पूछ रहा है, सबकुछ। अब ये पढ़ने वाले की बुद्धि पर है कि वो इस बात को समझ जाए कि इतना ही नहीं पूछा गया है कि जन्म-मरण का चक्र क्यों है।
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Who controls your mood?
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“माँसाहार गरीबों के लिए वरदान है क्योंकि माँसाहार के माध्यम से गरीबों को सस्ता प्रोटीन मिल जाता है।“ १ ग्राम प्रोटीन अगर आप मटन से लेते हैं तो लगते हैं ३ रुपये। उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप अंडे से लेते हैं तो लगते हैं १ रुपय ३० पैसे, उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप चिकन से लेते हैं तो लगता हैं १ रुपया।
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स्मोक टेस्ट हिन्दी लेख 16 अगस्त 2026
हिन्दी स्मोक टेस्ट लेख का संक्षिप्त विवरण।
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जानवरों पर अत्याचार बुरा लगता हो तो
Flesh Eating
जानवरों पर अत्याचार बुरा लगता हो तो
14min
28reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, बचपन से ही मेरे साथ ये समस्या रही है कि मेरा मन बहुत विचलित हो जाता है, जैसे ही उसे किसी के दुःख का अनुभव होता है — किसी की मृत्यु, जानवरों का शोषण इत्यादि। ये बातें मेरे मन में पैठ जाती हैं और मैं इसने बाहर…

जो बड़ी कम्पनियाँ लोगों को माँसाहार की ओर धकेल रही हैं
Flesh Eating
जो बड़ी कम्पनियाँ लोगों को माँसाहार की ओर धकेल रही हैं
5min
16reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, जो कंपनियाँ बहुत बड़े तल पर, अंतर्राष्ट्रीय तल पर फैल चुकी हैं, लेकिन गलत काम कर रही हैं, जैसे, चिकन के विज्ञापन दे देकर लुभा रही हैं लोगों को। और चूँकि लोग ऐसे हैं कि विज्ञापन देखकर जाते हैं। अब अगर इतनी बड़ी कंपनियों से मुझे पंगा…

पशु का दूध घातक है, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक - दोनों तलों पर
Flesh Eating
पशु का दूध घातक है, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक - दोनों तलों पर
7min
11reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, कुछ लोग बोलते हैं कि दूध नहीं पीना चाहिए, परंतु पुराने विचारों के लोग बोलते हैं कि दूध पीने से ताक़त आती है। वो तो घर पर भैंस बाँध लेते हैं और दूध का उपभोग करते हैं। कुछ समय पहले आपका एक वीडियो देखा था इसी विषय…

पशुओं के प्रति हिंसा रोकने में मदद करो
Flesh Eating
पशुओं के प्रति हिंसा रोकने में मदद करो
33min
15reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, मेरे हाथों, मतलब काम करते समय मुझसे ग़लती से एक घोड़े की हत्या हो गयी थी। उस बात को आज ४ साल हो चुके हैं पर आज भी रात को बेचैनी में जाग उठता हूँ उसके ख़्याल से। मैं उसे बहुत प्यार करता था, मेरे बच्चे जैसा…

बच्चों को माँसाहार से कैसे दूर रखें?
Flesh Eating
बच्चों को माँसाहार से कैसे दूर रखें?
7min
15reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, बच्चों को माँसाहार से कैसे दूर रखें?

आचार्य प्रशांत: बच्चे को बोलिए कि ऐसा करते हैं कि जो भी खाएँगे, शुरू से खाएँगे — सेब खाना है या भाजी खानी है तो चलो वहाँ से लेकर आते हैं जहाँ वो उगता है — भाजी ज़मीन से तोड़ी…

माँस का त्याग कैसे करें
Veganism
माँस का त्याग कैसे करें
23min
17reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, क्या माँस-मदिरा, तंबाकू आदि का यदा-कदा सेवन करना गलत है? मैंने सुना है रामकृष्ण, विवेकानंद, जीज़स आदि मांसाहारी थे, और बुद्ध ने भी प्राकृतिक मौत से मरे जानवरों का माँस खाने के प्रति आपत्ति नहीं की है। तो क्या माँसाहार अध्यात्म में बाधक है? यदि बाधक है…

मूर्खता है माँसाहार
Flesh Eating
मूर्खता है माँसाहार
30min
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माँस माँस सब एक है मुर्गी हिरणी गाय

आंख देखी नर खात है, ते नर नरकहि जाय

~ कबीर साहब

आचार्य प्रशांत: माँस सारे एक हैं , मुर्गी, हिरणी, गाय — इसमें मनुष्य और जोड़ लीजिए। कबीर साहबबात कर रहे हैं आपके और माँस के रिश्ते की। माँस कहीं…

माँसाहार के साथ चैन नहीं पाओगे
Flesh Eating
माँसाहार के साथ चैन नहीं पाओगे
13min
44reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, यह जो जानवरों को काटते हैं, खाते हैं, पिंजरों में बंद करते हैं, भर-भर के ट्रकों में ले जा रहे होते हैं और पता ही होता है कि कुछ समय में इन्हें मारकर खा जाएँगे, मेरा सवाल है कि क्या प्राकृतिक आपदाएँ, भूकम्प वगैरह, इसी कारण आते…

शुद्ध शाकाहार क्यों चुनें?
Flesh Eating
शुद्ध शाकाहार क्यों चुनें?
26min
11reads

प्रश्नकर्ता: आचार्य जी, हम शाकाहारी क्यों हैं?

आचार्य प्रशांत: देखो, वहाँ तार के ऊपर एक चिड़िया बैठी है, दिख रही है? काहे को खाना उसे?

प्रश्नकर्ता: पेड़-पौधों में भी तो जान होती है, वो भी महसूस करते हैं।

आचार्य प्रशांत: अगर कहती हो कि पेड़ में जान है इसलिए चिड़िया…

हिंसा क्या है?
Animal Cruelty
हिंसा क्या है?
27min
54reads

आचार्य प्रशांत: हिंसा क्या है? हिंसा की क्या परिभाषा है? हिंसा की हर परिभाषा से सबसे पहले ‘दूसरों’ को निकाल दें। हिंसा दूसरों से जुड़ी हुई चीज़ बहुत बाद में है, हिंसा का सर्वप्रथम आपसे ताल्लुक है। क्या है हिंसा?

श्रोतागण: दूसरे को कष्ट पहुँचना।

आचार्य प्रशांत: मैं जानता हूँ…

क्या शुद्ध शाकाहार पूर्ण पोषण दे सकता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
Flesh Eating
क्या शुद्ध शाकाहार पूर्ण पोषण दे सकता है? || आचार्य प्रशांत (2018)
17min
12reads

प्रश्न: आचार्य जी, मैं कुछ समय पहले वीगन (शुद्ध-शाकाहारी) हो गया था, तो मेरा वज़न बहुत काम हो गया और विटामिन की कमी भी हो गई थी। क्या वीगन हो जाने से ऐसा भी होता है?

आचार्य प्रशांत: किसने कहा है कि तुम कुछ भी अंधाधुंध हो जाओ? वीगन होने…

जानवरों के प्रति व्यवहार, और आपके मन की स्थिति || आचार्य प्रशांत (2014)
Flesh Eating
जानवरों के प्रति व्यवहार, और आपके मन की स्थिति || आचार्य प्रशांत (2014)
9min
18reads

प्रश्न: आचार्य जी, रमण महर्षि की एक डॉक्यूमेंटरी (वृत्त चित्र) देख रही थी। उसमें दिखाया था कि जब भी वह कुछ बोलते थे, तो एक गाय सामने आकर खड़ी हो जाती थी। जब उसकी मृत्यु हुई, तो उस दिन सामने नहीं आई, फिर रमण महर्षि ख़ुद उसे देखने गए थे।…

जीवहत्या और हिंसा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
Animal Cruelty
जीवहत्या और हिंसा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2015)
12min
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प्रश्न: सर हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि जीव हत्या करना पाप है, पर फिर भी जीवों की हत्या होती रहती है। कभी धर्म के नाम पर, कभी खाने के नाम पर। ऐसा क्यों होता है सर?

वक्ता: ये तुम दूसरों की बात कर रहे हो या अपनी?…

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Every Caste Debate Misses the Real Question
In Media
Every Caste Debate Misses the Real Question
6min
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The UGC regulations are only a spark. The explosive material is something far more intimate: the unexamined conviction, lodged in the deepest chamber of the collective psyche, that birth determines worth and that this determination carries divine sanction. The atmosphere itself is the disease; the regulation is at best a painkiller. India’s foundational scriptures contain the strongest possible arguments against caste. The Upanishadic view begins where hierarchy ends.

अहंकार का विलोप ही शिवत्व: आचार्य प्रशांत
In Media
अहंकार का विलोप ही शिवत्व: आचार्य प्रशांत
3min
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ग्रेटर नोएडा। जीबीयू में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे आचार्य प्रशांत ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि यह मनुष्य को अपने भीतर झांकने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि शिव को केवल मूर्ति या रूप में सीमित कर देना उनकी व्यापकता को संकुचित करना…

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राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
Beliefs
राजनीति में अध्यात्म क्यों ज़रूरी?
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अध्यात्म की रोशनी जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ती है, तो राजनीति पर भी पड़ेगी ही पड़ेगी। ऐसा कुछ नहीं है कि आध्यात्मिक आदमी राजनीति के प्रति अंधा हो जाता है। बल्कि हक़ीक़त तो यह है कि राजनीति को आध्यात्मिक लोगों की बहुत सख़्त ज़रूरत है, क्योंकि राजनेता ताक़त की ऐसी गद्दियों पर बैठते हैं, जहाँ से वो आपके जीवन को बहुत तरीके से प्रभावित करते हैं। राजनेता अगर आध्यात्मिक नहीं है, तो देश रसातल में जाएगा। राजनीति त्यागनी नहीं है, सही राजनीति करनी है।https://acharyaprashant.org/en/articles/raajneeti-mein-adhyatm-kyon-zaroori-1_795988a15

इन्द्रियों पर विजय कैसे प्राप्त करें? कर्म और अकर्म क्या?
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इन्द्रियों पर विजय कैसे प्राप्त करें? कर्म और अकर्म क्या?
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श्रद्धावान् लभते ज्ञानं तत्पर: संयतेन्द्रिय: | ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति || ४, ३९ || जितेन्द्रिय, साधनापरायण और श्रद्धावान मनुष्य ज्ञान को प्राप्त होता है तथा ज्ञान को प्राप्त होकर वह बिना विलम्ब के तत्काल ही भगवत्प्राप्तिरूप शान्ति को प्राप्त हो जाता है। —श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय ४, श्लोक ३९प्रश्नकर्ता: आचार्य जी,…

ऐसे नहीं चलेगा प्रेम || आचार्य प्रशांत, कबीर साहब पर (2019)
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ऐसे नहीं चलेगा प्रेम || आचार्य प्रशांत, कबीर साहब पर (2019)
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प्रश्नकर्ता: पिछली बार चंडीगढ़ तरफ़ से आया था जी,। आप से जुड़ा था। तबजब मैं अकेला आया था, बिलकुल हताश, परेशान था। आज मेरीमेरे साथ श्रीमती जी भी आईं हैं। मेरा प्रश्न यह है जी, जैसे संतों ने कहा है—

प्रेम-गली अति सांकरी, तामे दो न समाहिं। जब मैं था…

Pradip Test Hindi
Dreams
Pradip Test Hindi
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सुंदर होने के फायदे बहुत हैं! मगर… || नीम लड्डू
Suffering
सुंदर होने के फायदे बहुत हैं! मगर… || नीम लड्डू
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अजीब सी स्थिति यह है कि एक साधारण दिखने वाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी, क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा। तुमको लगेगा,…

समाज में गन्दगी के लिए सिनेमा कैसे ज़िम्मेदार? || नीम लड्डू
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समाज में गन्दगी के लिए सिनेमा कैसे ज़िम्मेदार? || नीम लड्डू
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एक बार आप कहीं के लोगों की आदत डलवा दें, कि तुम्हें माँस-ही-माँस खाना है, बिलकुल सब और तला-भुना भी खाना है। अब क्षेत्र में अगर कोई आकर के सेहतमंद खाना बेचना भी चाहे तो उसका रेस्तराँ बंद हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा?

तो यह लोग जो गंदगी फैला…

सबसे सस्ता प्रोटीन किसमें? || नीम लड्डू
Animal Cruelty
सबसे सस्ता प्रोटीन किसमें? || नीम लड्डू
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“माँसाहार गरीबों के लिए वरदान है क्योंकि माँसाहार के माध्यम से गरीबों को सस्ता प्रोटीन मिल जाता है।“ १ ग्राम प्रोटीन अगर आप मटन से लेते हैं तो लगते हैं ३ रुपये। उतना ही प्रोटीन, १ ग्राम, अगर आप अंडे से लेते हैं तो लगते हैं १ रुपय ३० पैसे,…

सबसे ख़तरनाक नशा  || नीम लड्डू
Clarity
सबसे ख़तरनाक नशा || नीम लड्डू
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तुम्हारे सामने पहलवान खड़ा हो लड़ाई के लिए, और तुम उस वक़्त कहो कि, “मैं अब ज़रा दंड-बैठक करता हूँ, शरीर बनाता हूँ”, तो तुम पिटोगे ही नहीं, बहुत बुरी तरह पिटोगे!

एक सज्जन थे, उन्हें सलाह दी गई थी कि, ‘साहब! आपका कॉलेस्ट्रॉल बहुत बढ़ गया है, तो आप…

सबसे ख़तरनाक जानवर कौन? || नीम लड्डू
Social Issues
सबसे ख़तरनाक जानवर कौन? || नीम लड्डू
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आज से १ लाख वर्ष पीछे जाओ तो अरबों-खरबों जानवर थे, हज़ारों-लाखों प्रजातियों के; और मनुष्य थे कुछ लाख, अधिक-से-अधिक। अब आदमी हो गए हैं ८ अरब और जानवर बचे हैं (हाथों से कम मात्रा दर्शाते हुए) इतने से!

साहब!

जानवर भी कौन से बचे हैं बताइए? जो मनुष्य के…

संडे हो या मंडे...  || नीम लड्डू
Clarity
संडे हो या मंडे... || नीम लड्डू
2min
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प्रश्नकर्ता: अंडा तो वेजिटेरियन (शाकाहारी) ही है, अंडा से तो होता है नॉन- फर्टीलाइज़्ड, चूजा तो निकलेगा नहीं।

आचार्य प्रशांत: बात ये थोड़े ही है कि वह पेड़ पर लटका मिला कि नहीं लटका मिला। यह भी तो देखो वह अंडा आया कहाँ से, मुर्गी स्वेच्छा से आकर के…

रोकिए उन्हें जो दुर्व्यवहार करते हैं आपसे || नीम लड्डू
Suffering
रोकिए उन्हें जो दुर्व्यवहार करते हैं आपसे || नीम लड्डू
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दूसरे आपका हाथ मरोड़ रहे हैं, समझिए क्यों। क्योंकि आप हाथ मरोड़वाने के लिए तैयार खड़े हैं।

धोखा एक बार हो सकता है न, बार-बार हो तो इसका क्या मतलब है? कोई व्यक्ति आपके साथ एक बार दुर्व्यवहार कर गया, ठीक। बार-बार कर रहा है, क्या मतलब है इस बात…

ये बात कोई सुनना नहीं चाहता! || नीम लड्डू
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ये बात कोई सुनना नहीं चाहता! || नीम लड्डू
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प्रश्नकर्ता: अगर दूध का आप बहिष्कार करते हैं तो गाय की बिलकुल ही बेकद्री हो जाएगी।

आचार्य प्रशांत: ये बात पता नहीं क्यों हमारे दूध पीने वाले भाई-बहन सोचते ही नहीं बिलकुल कि जिस दिन गाय ने दूध देना बंद कर दिया उस दिन वो गाय पालने वाले के लिए,…

माँस खाने वालों को एक ज़रूरी सूचना || नीम लड्डू
Climate Change
माँस खाने वालों को एक ज़रूरी सूचना || नीम लड्डू
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जहाँ माँस खाना शुरू किया, तहाँ समझ लो कि आप कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाने वालों की कतार में शामिल हो गए। उपभोग के माध्यमों में जो चीज़ ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक उष्मीकरण) के लिए सबसे ज़्यादा घातक है वो है माँस का सेवन। माँस का सेवन समझ रहे हैं सबसे ज़्यादा घातक…

ब्रेकअप का दर्द || नीम लड्डू
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ब्रेकअप का दर्द || नीम लड्डू
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हर आदमी अपनी नज़र में नाकाम आशिक़ बन कर घूम रहा है। बहुतों का तो ब्रेकअप तब हो जाता है जब उनका कोई अफ़ेयर भी नहीं था। कहो, “क्यों इतने उदास हो?” “ब्रेकअप हो गया है!” तेरा अफ़ेयर कब था भाई? पर ब्रेकअप में जो रुहानी आनंद है वो तो …

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ये खिसिआना, ये चिढ़चिढ़ाना, ये तनाव, ये खींझ, ये क्रोध, ये उदासी, ये सूनापन, ये भाव कि ‘जीवन ने हमारे साथ अन्याय किया है, हम शोषित हैं, हम शिकार हैं’, ये क्या कर रहा है हमारे साथ? कहीं का छोड़ रहा है हमको? और क्या हम सब इसी भाव में…

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जिसने तुमको चोट पहुँचाई उसने तुमको इसीलिए चोट पहुँचाई न कि तुम्हें वो चोट पहुँचाए और तुम आंतरिक रुप से आहत हो जाओ? तो दुश्मन को तुम्हारा करारा-से-करारा जवाब क्या हो सकता है? उसके उद्देश्य को पूरा मत होने दो।

वह सोच रहा था कि वो तुमको गाली दे देगा…

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एक बेज़ुबान निरीह को पकड़ कर काट दिया, उसका माँस पका कर खा गए – इससे कौन-सी परम सत्ता आपको आशीर्वाद देने वाली है, बताइए ज़रा? इससे आसमानों से फूल बरसेंगे आप पर? क्या तुक है!

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तुम बहुत चीज़ों को लेकर परेशान हो, ज़िन्दगी के तमाम झंझट हैं, ये है, वो है और लग गए एक गेम (खेल) खेलने। अब वो जो गेम खेल रहे हो तुम वो नशे की तरह तुम्हें थोड़ी देर के लिए भुलवा देगा कि तुम कितने परेशान हो।

पर कोई भी…

दुनिया के बाप रहो || नीम लड्डू
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दुनिया के बाप रहो! ना सिर्फ़ तुम्हें चोट नहीं लगनी चाहिए बल्कि तुम में इतनी करुणा होनी चाहिए कि मारने वाले से भी पूछो, “हाथ तो नहीं टूट गया तेरा?”

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दर्द छुपा कर जीने वाले  || नीम लड्डू
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2min
9reads

हम छुपे हुए दर्द में जीनेवाले लोग हैं, पूरी दुनिया के सब लोग हैं, छुपे हुए दर्द में ही जी रहे हैं। यह सब जो हँसते हुए, मुस्कुराते हुए लोग तुमको चारों ओर दिख रहे हैं, यह हँस-मुस्कुरा सिर्फ़ इसलिए रहे हैं क्योंकि इन्हें अपनी छाती का दर्द का कुछ…

तुम्हारी सुन्दरता ही तुम्हारा नर्क है || नीम लड्डू
Suffering
तुम्हारी सुन्दरता ही तुम्हारा नर्क है || नीम लड्डू
1min
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अजीब सी स्थिति ये है कि एक साधारण सी दिखनेवाली लड़की से शायद ज़्यादा मुश्किल है एक सुंदर लड़की की ज़िंदगी। क्योंकि उसके खरीददार बहुत ज़्यादा हैं, और उसे बहुत कुछ मिल जाएगा। और यह जो तुमको बहुत कुछ मिल जाएगा न अपनी सुंदरता के कारण, यही नर्क है तुम्हारा।…

ठूसते जाना रोते जाना  || नीम लड्डू
Suffering
ठूसते जाना रोते जाना || नीम लड्डू
1min
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तुम मुझे एक आदमी दिखा दो जो इन दोनों कामों के अलावा कोई तीसरा काम करता हो। आम व्यक्ति का सारा जीवन इन्हीं दो कामों में जा रहा है कि नहीं? पहला, ठूसना – और मैं सिर्फ़ मुँह से ठूसने की बात नहीं कर रहा, जेब में ठूसना, आँख में…

जो चाहोगे बन जाओगे || नीम लड्डू
Clarity
जो चाहोगे बन जाओगे || नीम लड्डू
2min
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यह जो सड़क पर आदमी चलता है न, जिसको तुम 'कॉमन मैन' (आम आदमी) बोलते हो, उसकी शक्ल ध्यान से देखो; वो तुम हो। और अगर वैसा ही हो जाना है तो फिर कोई बात नहीं। बिलकुल तयशुदा कहानी है, उसमें कोई बड़े उतार-चढ़ाव नहीं हैं। उस कहानी…

जीवन बदलेगा! जान तो लगाओ! || नीम लड्डू
Animal Cruelty
जीवन बदलेगा! जान तो लगाओ! || नीम लड्डू
2min
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मैं इंदिरापुरम की ओर से निकल रहा था, तीन-चार साल पहले की बात है। अचानक मेरी गाड़ी के सामने दौड़ता हुआ एक मुर्गा आ गया। वो छूट कर भागा, वो सड़क की तरफ़ आ गया कि, ‘गाड़ी से कुचल कर मर जाऊँगा तो मर जाऊँगा, पर इसके साथ रहना मंज़ूर…

जिनका दिल दुखता हो || नीम लड्डू
Clarity
जिनका दिल दुखता हो || नीम लड्डू
2min
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तुम जंगल में शेर को हिरण का शिकार करके खाते देखते हो तो तुम्हारा दिल टूट जाता है क्या? बुरा लगता भी होगा तो थोड़ा-बहुत, क्योंकि जानते हो कि ये तो जंगल है यहाँ तो ये होना-ही-होना है। तो जंगल में तुम्हें बुरा नहीं लगेगा।

लेकिन एक शहर की गलियों…

छोड़िए फ़िज़ूल लोगों को || नीम लड्डू
Suffering
छोड़िए फ़िज़ूल लोगों को || नीम लड्डू
1min
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इतनी बड़ी भारी तुम्हारे साथ त्रासदी हो गई कि तुम आत्महत्या की सोचने लग गईं? तुम्हारा जीवन इतना फ़िज़ूल है? एक फ़िज़ूल आदमी तुम्हारी ज़िंदगी में आता है तुम्हारे साथ कुछ फ़िज़ूल की हरकतें करता है और तुम आँसुओं में डूबी हुई हो कि, “अरे! मैं डिप्रेस्ड हो गई” तुम्हें…

ग़लती कर बैठे? तो ये सुनो! || नीम लड्डू
Emotions
ग़लती कर बैठे? तो ये सुनो! || नीम लड्डू
1min
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कोई तुम्हें तुम्हारी ग़लती दिखाए और बुरा अगर तुम्हें लगता है, तो तुम जवान कभी-भी होने से रहे। जिसे जवान होना होता है वो अपनी ग़लतियों का सामना करता है। बहुत होते हैं मोटी खाल के बेशर्म टट्टू, उन्हें कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता। उन्हें दिख रहा होगा कि ज़िंदगी…

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