प्रश्न: हम प्रकृति के नियम का पालन कैसे करें?
वक्ता: प्रकृति के नियम तो चल ही रहे हैं। आप कौन से प्रकृति के नियम का उल्लंघन कर पा रहे हो।
श्रोता: जैसे हम हवा प्रदूषित करते हैं।
वक्ता: तो उसका नियम है, प्रदूषित करोगे तो डंडा पड़ेगा, डंडा पड़ रहा है।
श्रोता: हमारे पास विकल्प क्या है? हम क्या कर सकते हैं?
वक्ता: नियम है गुरुत्वाकर्षण का। कल भी था, आज भी है, जब तक समय रहेगा तब तक यह नियम भी रहेगा। अब आप पूछो की विकल्प है कि नहीं है।
श्रोता: जैसे आपने बताया गौतम बुद्ध, महावीर ने जीवन को प्रकृति के अनुसार व्यतीत किया।
वक्ता: नहीं, उन्होंने प्रकृति के अनुसार जीवन नहीं व्यतीत किया। मैंने ऐसा बिलकुल नहीं कहा।

