आचार्य प्रशांत: हाँ, बोलो।
प्रश्नकर्ता: सर, अहंकार की वजह से प्रतिस्पर्धा आती है।
आचार्य: प्रतियोगिता हाँ।
प्र: सर, तो अगर प्रतिस्पर्धा नहीं होगी तो श्रेष्ठ नहीं पता चलेगा। प्रतिस्पर्धा हमें श्रेष्ठ देने में मदद करती है।
आचार्य: मैं तुम्हें जो जवाब दे रहा हूँ वो मेरी तरफ़ से श्रेष्ठ जवाब है या नहीं है? या तुम्हें लग रहा है कि मैं कोई और इससे बेहतर जवाब छुपाए हुए हूँ।
प्र: नहीं, सर ऐसा नहीं है।
आचार्य: जो ऊँचे-से-ऊँचा, बेहतर-से-बेहतर कह सकता हूँ कह ही रहा हूँ। मैं किससे प्रतिस्पर्धा कर रहा हूँ भाई?
प्र: नहीं सर जब सेकंड पर्सन (दूसरा व्यक्ति) होगा।



