श्रोता: सेल्फ-इन्क्वायरी का क्या अर्थ है? इस ‘*सेल्फ़*‘ के स्वभाव को कैसे जाना जाता है?
वक्ता : सेल्फ-इन्क्वायरी किसी तरह की पूछताछ नहीं है। सेल्फ-इन्क्वायरी में कुछ भी इन्क्वायर करने के लिए नहीं है। सेल्फ-इन्क्वायरी में कोई प्रश्न है ही नहीं। सेल्फ-इन्क्वायरी प्रश्नों का प्रश्न है। वो आम कौतुहल नहीं है कि कहाँ क्या हो रहा है जान लें, ये देख लिया, वो देख लिया नहीं ऐसी नहीं है सेल्फ-इन्क्वायरी। सेल्फ-इन्क्वायरी का अर्थ इतना ही है कि सूक्ष्म रूप से मौजूद हैं और जो प्रपन्च चल रहा है उसके कर्ता को देख लें। उस प्रपन्च करने वाले को देख रहे हैं।
ऐसे समझ लीजिए कि एक बिलकुल ही उद्धमी लड़का है और वो खूब तोड़-फोड़ कर रहा है। मैदान में है गेंद फेंक रहा है पेड़, पौधे, पत्ते इन सब को नष्ट कर रहा है परेशान कर रहा है। एक तरीका हो सकता है उसको देखने का कि आपने ये देखा कि वो क्या-क्या कर रहा है। आप देख रहे हैं कि वो अभी दाएँ गया अभी बाएँ और आप दुनिया भर की चीज़ें गिन रहे हो। आप यह देख रहे हो कि यह जो कुछ कर रहा है उसमें मेरा कितना नुकसान हो रहा है। आप विधियाँ खोज रहे हो कि इसको कैसे काबू में लाना है। आप याद करने की कोशिश कर रहे हो कि और लोग इसको कैसे काबू में ले कर के आए थे और एक दूसरा तरीका ये हो सकता है कि आप कुछ भी नहीं देख रहे हो कि क्या चल रहा है आप बस ये देख रहे हो कि ये बच्चा है । उसके आस-पास क्या हो रहा है, वो किन वस्तुओं से सम्बन्धित है। आपकी उस पर कोई नज़र नहीं है क्योंकि उन वस्तुओं से वो बच्चा ही सम्बन्धित है ना! आपकी नज़र मात्र उस बच्चे पर है और आप उसको देखते हुए कहीं नहीं जा रहे हो स्मृतियों में, ये पता करने कि कल इसने क्या किया था? इसका दूसरे लोगों से कैसा व्यव्हार था? और पिछले मौके पर इसे कैसे बाँधा गया था? आपकी बिलकुल ऐसी कोई इच्छा नहीं है। उस बच्चे को ध्यान से देख रहे हो। हो रहा है, बिलकुल उपद्रव चल रहा है, प्रपन्च चल रहा है। प्रपन्च करने वाला कौन है?
सभी साथ में: बच्चा।

