भावनाएं, नियंत्रण, और पछतावा || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2017)
आचार्य प्रशांत
भय बिनु होइ न प्रीति || आचार्य प्रशांत (2017)
आत्मस्थ आदमी की पहचान क्या है? || आचार्य प्रशांत (2017)
जगत को भोगो, त्यागपूर्वक || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
मात्र मन है || आचार्य प्रशान्त (2014)
Being aware of hidden sexual motives || Acharya Prashant (2017)
Acharya Prashant
अपने विचारों को शुद्ध कैसे करें? || आचार्य प्रशांत (2017)
How to know the subconscious mind? || Acharya Prashant (2016)
क्या ध्यान में रहकर समस्याओं का समाधान हो सकता है? || आचार्य प्रशांत (2017)
क्या जीवन में उम्मीद रखना ज़रूरी है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
ईर्ष्या के कारण, और उपचार || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2017)
अपनी प्रतिभा का कैसे पता करूँ? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2013)
ईमानदारी के अलावा कोई विधि नहीं || आचार्य प्रशांत (2017)
निर्वाण क्या है? || आचार्य प्रशांत (2017)
कैसे हो मन की वृत्तियों से मुक्ति? || आचार्य प्रशांत (2014)
जितना सर को झुकाओगे उतने शांत होते जाओगे || आचार्य प्रशांत (2017)
How to let things happen? || Acharya Prashant (2016)
जानने और करने में दूरी क्यों? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
श्री कृष्णमूर्ति और बाबा बुल्लेशाह || आचार्य प्रशांत (2016)
रुचि और लक्ष्य में क्या अंतर है? || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
लगे है, तब है ; जब लगे नहीं है, तब भी है || आचार्य प्रशांत, अष्टावक्र गीता पर (2014)
Why do we set goals and targets for ourselves? || Acharya Prashant, with youth (2015)
What would life be without a purpose? || Acharya Prashant (2016)
डर, हिंसा और चिड़चिड़ाहट से मुक्ति के उपाय || आचार्य प्रशान्त (2016)
पुरानी आदतें कैसे सुधारें? || आचार्य प्रशांत (2016)
आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत के बाद बाधाएँ || आचार्य प्रशांत (2017)
आत्म-छवि खोने का डर || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2014)
किस्मत, कर्म और स्वप्न || आचार्य प्रशांत, युवाओं के संग (2016)
Is it true that good people suffer, and the evil keep enjoying? || Acharya Prashant (2014)
क्रोध से छुटकारा || आचार्य प्रशांत (2015)