🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #Acharyaprashant #महापुरुष #ऊंचाई #संघर्ष #SwamiVivekananda #Socrates #BhagatSingh #Renaissance वीडियो जानकारी: 28.10.2025, वेदांत संहिता सत्र, ग्रेटर नोएडा Title: वो मर भी जाएँ तो उनका कुछ नहीं बिगड़ता (और कुछ जी कर भी मरे जैसे हैं ) || आचार्य प्रशांत (2025) 📋 Chapters: 00:00 - Intro 01:35 - महापुरुषों का जीवन 08:09 - सुकरात मरे ही नहीं 18:43 - ऊँचे लोगों को कैसे पहचानें? 27:42 - एक अनोखा सूत्र - पॉज़ दबाओ 39:24 - Testimonial विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि महापुरुषों का असली साहस क्या होता है, और क्यों हम समाज के विरोध की सोचकर ही डर जाते हैं। वे कहते हैं कि बाहर की परिस्थितियाँ हमें उतना नहीं डरातीं, जितना हमारा अपना मन, उसके बनाए डर, धारणाएँ और कल्पनाएँ। आज तकनीक के समय में यह भ्रम और भी बढ़ गया है। आचार्य जी समझाते हैं कि सत्य का रास्ता किसी बड़े आदर्श से नहीं, बल्कि खुद को ईमानदारी से देखने और समझने से शुरू होता है। यह वीडियो खासकर उन युवाओं के लिए है जो महापुरुषों से प्रेरित तो होते हैं, लेकिन भीतर के किसी डर या उलझन की वजह से आगे नहीं बढ़ पाते। यहाँ आचार्य जी सरल तरीके से बताते हैं कि इन अंदरूनी रुकावटों को कैसे पहचाना जाए और आज के समय में साहस और स्पष्टता कैसे पाई जा सकती है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 ~~