🧔🏻♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत #Philosophy #BhagavadGita वीडियो जानकारी: 10.01.25, वेदांत संहिता, गोवा हफ़्ते में 90 घंटे काम करो, क्योंकि मैंने सैलरी देकर तुम्हें खरीद लिया है || आचार्य प्रशांत (2025) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 1:12 - Working Hours पर कॉरपोरेट बहस (Corporate Debate) 2:43 - बिना प्रेम के काम करना 5:17 - कार्य और जीवन का संतुलन (Work-Life Balance) 7:26 - गरीब और अमीर देशों में Working Hours 9:50 - बिना प्रेम के काम की सीमाएँ 12:22 - विकसित देशों में काम का संतुलन 14:32 - सच्चा प्रेम और काम का आनंद 16:24 - प्यार से किए गए काम की पहचान 18:08 - सामान्य कर्मचारी और सीईओ (CEO) की आय में अंतर 21:12 - काम के प्रति लालच और भ्रम 23:24 - CTC और बाहरी सफलता का भ्रम 25:33 - लोगों की काम के प्रति घृणा 32:30 - आज़ादी आशिकी में है 33:28 - प्रेम से काम करने का महत्व 34:09 - जीवन में लालच और तनाव 38:22 - सच्चे प्रेम की सीख 42:34 - गीता सत्र का उद्देश्य 45:13 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत ने work hours और work culture पर गहराई से चर्चा की। हाल ही में भारत में working hours को लेकर एक नई बहस शुरू हुई है, जिसमें कंपनियों के मालिक कर्मचारियों से 70 to 90 hours काम करने की अपेक्षा कर रहे हैं। अधिकांश कर्मचारी अपने काम से नफरत करते हैं और केवल salary के लिए काम करते हैं। काम का असली उद्देश्य केवल money कमाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें love और satisfaction होना चाहिए। दक्षिण भारत में education और development के मामले में जो प्रगति हुई है, वह इस बात का प्रमाण है कि सही decisions और मेहनत से समाज में बदलाव लाया जा सकता है। बाहरी मानदंडों और सामाजिक दबावों के बजाय अपनी inner truth को पहचानना आवश्यक है। गीता का संदेश love और selflessness पर आधारित है, और कार्यों में इस love को शामिल करना चाहिए। अंत में, काम में love और purpose होना चाहिए, ताकि एक संतोषजनक और अर्थपूर्ण जीवन जीया जा सके। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~